अध्याय 84

कैरोलाइन ने मन ही मन स्वीकार किया कि दादी को देखकर उसके दिल में कुछ हिल गया था।

उसका मन हुआ कि उनसे बात करे—पूछे कि वे कैसी हैं, इन दिनों तबीयत कैसी रहती है। मगर वह रुक गई।

व्हाइट परिवार, आर्थर के रसूख का सहारा लेकर, अपना कारोबार लगातार बढ़ा रहा था। रॉयल होटल में यह जुटान शायद घरवालों की ही महफिल ...

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